तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥ తీనోఁ లోక హాంక తేఁ కాంపై तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥ సబ స
तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥ తీనోఁ లోక హాంక తేఁ కాంపై तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥ సబ స